सर्जिकल स्ट्राइक और पराक्रम पर्व
सर्जिकल स्ट्राइक और पराक्रम पर्व

28 सितम्बर 2016 को भारतीय सेना ने देर रात पाकिस्तान सीमा रेख पार कर ऐतिहासिक “सर्जिकल स्ट्राइक” को अंजाम दिया था।
18 सितम्बर 2016 को सुबह करीब 5 :30बजे पाकिस्तानी सेना ने उड़ी स्थित भारतीय सेना शिविर में हमला किया था। यहाँ यह महत्वपूर्ण है की यह कोई पहली बार नहीँ है जब पाकिस्तान ने इस तरह से हम पर हमला किया हो। इसके पहले भी इसने कई बार इस तरह के घटनाओं को अंजाम दिया है।पाकिस्तान एक तरफ़ भारत से शांति वार्ता की अर्ज करता है तो दूसरी तरफ़ ऐसी घटनाओं को अन्ज़ाम भी देता है।
इस क्रिया की प्रतिक्रिया भारत ने मज़बूत इरादों व बुलंद हौसलों से करते हुए 28 सितम्बर की रात 12:30 बजे पाकिस्तान सीमा रेखा पार कर “सर्जिकल स्ट्राइक” को सावधानी पूर्वक अंजाम दिया।
इस “सर्जिकल स्ट्राइक” में भारतीय सेना ने 7 आतंकी पैड्स ध्वस्त किए तथा 38 आतंकियों को मार गिराया। इस “सर्जिकल स्ट्राइक” की तैयारी हफ़्ते भर पहले से की जा रही थी तथा

इस विशेष परियोजना के लिए विशेष कमान्डोज को ज़िम्मेदारी सौ्पी थी। सेना की सूझ बूझ और समझ का ही परिणाम था की इस दौरान आम जनता को कोई क्षति नहीँ पहुँची।2016 का यह “सर्जिकल स्ट्राइक” भारत द्वारा लिया गया एक ऐतिहासिक फ़ैसला था।इस पराक्रम पूर्ण “सर्जिकल स्ट्राइक” के 2 वर्ष पूर्ण होने पर देश भर में इसे एक पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। 51 शहरों के 53 स्थलों पर भारतीय सेना द्वारा इसे उत्साह से मनाया जा रहा है।
इस कार्यक्रम के दौरान आर्मी बैंड द्वारा प्रस्तुतियाँ होंगी। भारतीय सेना द्वारा उपयोग किए गए शस्त्रों का प्रदर्शन किया जायेगा।तथा इस दौरान “सर्जिकल स्ट्राइक” की वीडियोस भी दिखाए जायेन्गे।
निश्चित तौर पर यह पर्व हमारे युवाओं में देशभक्ति,जोश व उमंग के संचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जय हिंद ।

