दिल्ली की आबोहवा हुई पहले से और भी ज्यादा खराब
दिल्ली के वायु की गुणवत्ता लगातार घट रही है । राष्ट्रीय राजधानी के आस पास लगभग 8 इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है । प्रदूषण का स्तर बढ़ जाने की वजह से अधिकारियों ने हिदायत दी है कि त्योहारों के दौरान पटाखे ना छोड़े जाए और भारत के उत्तरी राज्य की खेतों में पराली जलाने के कोशिश ना की जाए । अगर उत्तरी राज्यों में लगातार पराली जलाई जाएगी तो इससे दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति और भी खराब हो सकती है । गौरतलब है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 के लगभग दर्ज किया है ।
दिल्ली के पांच इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी गंभीर हो गया है । यह इलाके नरेला , पंजाबी बाग , बवाना , मुंडका , विवेक विहार , रोहिणी , आनंद विहार और द्वारका सेक्टर 8 है । राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक रहा था । यह पंजाबी बाग में 434 के लगभग दर्ज किया गया । केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार एनसीआर क्षेत्र में गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक रहा । जबकि फरीदाबाद , नोएडा , गुड़गांव , ग्रेटर नोएडा में वायु की स्थिति काफी ख़राब रही ।
गौरतलब है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड किसी भी स्थान के वायु की गुणवत्ता को मापती है । इसे एक्यूआई में नापा जाता है । यदि एक्यू आई 0 से 50 के बीच में है तो इसे बेहतर माना जाता है । वही 51 से 100 के बीच के एकक्यूआई को संतोषजनक , 101 और 200 के बीच मध्यम श्रेणी के वायु गुणवत्ता को , 201 से 300 के बीच खराब वायु गुणवत्ता , 301 से 400 के बीच बेहद खराब और 401 से 500 के बीच के एक्यूआई को वायु गुणवत्ता की दृष्टि से बेहद गंभीर माना जाता है ।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आने वाले समय में प्रदूषण की स्थिति को और खराब होते हुए देख कर यह पूर्वानुमान लगाया है कि दिवाली के समय वायु की गुणवत्ता पहले से ज्यादा खराब हो सकती है । इसके लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने केंद्र सरकार से सिफारिश की है कि इस विषय में वह कड़े कदम उठाएं ।

