तेज बहादुर यादव की चुनाव याचिका खारिज होने पर अब हाईकोर्ट ने मोदी को जारी किया नोटिस
लगभग 2 वर्ष पूर्व बीएसएफ यानी की बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स में खाने को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी आवाज उठाने वाले तेज बहादुर यादव अब देश का एक चर्चित चेहरा बन चुके हैं। सोशल मीडिया पर गंदे खाने पर अपनी आवाज उठाने के कारण उन्हें बीएसएफ से बर्खास्त कर दिया गया था। जिसके बाद तेज बहादुर यादव ने बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ देश में अभियान चलाया। उनके साथ विपक्षी पार्टियों के अलावा अन्य कई नेता भी खड़े नजर आए। इसी क्रम में लोकसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी ने अपने टिकट पर तेज बहादुर यादव को वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रत्याशी बनाया था। मगर रिटर्निंग अधिकारी ने उनकी चुनाव नामांकन खारिज कर दिया था। जिसको लेकर अब चुनाव याचिका खारिज होने को लेकर हाई कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक नोटिस जारी किया है।
तेज बहादुर ने लगाया था यह आरोप
दरअसल जब समाजवादी पार्टी की तरफ से तेज बहादुर यादव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रत्याशी बनाया गया था। उस समय रिटर्निंग अधिकारी ने तेज बहादुर यादव से यह प्रमाणपत्र मांगा था कि उन्हें कहीं बीएसएफ से भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण तो नहीं निकाला गया। जिसका प्रमाण पत्र देने में तेज बहादुर यादव असफल रहे थे। जिसके बाद उनका नामांकन खारिज कर दिया गया था। तेज बहादुर यादव ने यह आरोप लगाया था कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उनका नामांकन खारिज किया गया। इसके लिए उन्होंने अदालत में याचिका भी दायर की थी और आरोप लगाया था कि उनका चुनाव लड़ने का संवैधानिक अधिकार उनसे छिना गया।
अदालत ने जारी किया नोटिस
तेज बहादुर यादव द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर इस चुनाव याचिका पर फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति एम के गुप्ता ने नरेंद्र मोदी को एक नोटिस जारी किया है और इस मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को तय की गई है। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में निर्वाचित कई सांसदों के विरोध में इलाहाबाद हाईकोर्ट में कई याचिका दर की गई हैं।

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मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



