खतौनी में अब लिखा होगा खातेदारों और उनके अंश की जमीन, जानियेInteresting News 

खतौनी में अब लिखा होगा खातेदारों और उनके अंश की जमीन, जानिये

उत्तर प्रदेश में खतौनी, ज़मीन से जुड़ा एक दस्तावेज़ है। इसमें किसी ज़मीन के प्लॉट से जुड़ी जानकारी होती है, जैसे कि उसका खसरा नंबर, क्षेत्रफल, मालिक का नाम वगैरह। इसे राजस्व शब्दावली में बी 1 और किश्तबंदी के नाम से भी जाना जाता है। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के मुताबिक, खतौनी के हर खाते में सह-खातेदारों का अंश भी लिखा जाएगा। नई व्यवस्था के तहत अब खतौनी में दर्ज सभी खातेदारों के सामने उनके हिस्से की ज़मीन का अंश भी लिखा होगा, जिससे जमीन से संबंधित विवाद खत्म होंगे।

खास बात

बता दें की उत्तर प्रदेश में अब तक खतौनी में छह साल पर संशोधन होता था। यानी खाते के साथ कुछ भी परिवर्तित होने पर उसे छह साल बाद अपडेट किया जाता था। इसीलिए खतौनी को षटवार्षिक खतौनी कहा जाता था। लेकिन अब सरकार ने रियल टाइम खतौनी कर दी हैं।

हिस्से का भी रहेगा उल्लेख

वहीं, उत्तर प्रदेश में पहले खतौनी में सिर्फ दादा-पिता और बेटे का नाम होता था। लेकिन अब नई खतौनी में नाम के साथ हिस्से का भी उल्लेख होगा। इससे जमीन बेचने पर परिवार के किसी अन्य व्यक्ति की जमीन नहीं जा सकेगी और जमीन की स्थिति भी स्पष्ट हो

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