आज प्रदोष व्रत, जानें क्या है पूजा का समय और विधि, पढ़िये
आज हिंदू पंचाग के अनुसार प्रदोष व्रत जिसे गुरु प्रदोष के रूप में भी जाना जाता है। बता दें कि त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष त्रयोदशी और कृष्ण पक्ष त्रयोदशी पर होता है। जो हिंदू कैलेंडर के अनुसार एक चंद्र महीने में दो बार होता है। इस माह का पहला प्रदोष व्रत आज यानी 8 सितंबर 2022 के दिन मनाया जाएगा। प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:27 बजे से शुरू होकर 8:47 बजे समाप्त होगा। इस दिन भक्त भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा-अर्चना करते है।
यह है शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:31 से 5:17 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 1:53 से दोपहर 12:44 बजे तक
- गोधुली मुहूर्त: शाम 6:22 बजे से शुरू होकर शाम 6:46 बजे समाप्त होगा
- विजया मुहूर्त: दोपहर 2:24 बजे से दोपहर 3:14 बजे तक
विधि
बता दें कि इस दिन भक्त सुबह जल्दी उठते हैं। स्नान करते हैं और पूरे दिन उपवास करते हैं। भक्त तब एक दीया जलाते हैं और भगवान शिव और देवी पार्वती और उनके पुत्रों भगवान गणेश और कार्तिकेय की मूर्तियों को मोगरा के फूल चढ़ाते हैं। भक्त प्रदोष व्रत कथा और भगवान शिव की आरती भी पढ़ते हैं। भगवान शिव और देवी पार्वती का अभिषेक भी पंचामृत (दूध, दही, चीनी, शहद और घी से बना) से किया जाता है। गुरु प्रदोष व्रत 2022 पर भक्त 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हैं।
खास बात
दरअसल, जो लोग इस दिन पूरी भक्ति के साथ व्रत रखते हैं उन्हें भगवान शिव के सौजन्य से सुख और सफलता की प्राप्ति होती है। स्कंद पुराण के अनुसार प्रदोष के दिन दो प्रकार के व्रत रखे जाते हैं। पहला दिन पूरे दिन मनाया जाता है और रात में तोड़ा जाता है जबकि दूसरे को 24 घंटे के उपवास के पूरा होने तक नहीं तोड़ा जा सकता है। जिसका पारन अगले दिन किया जाता है।

