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Lockdown में सरकारी शिक्षक कैसे कर रहे हैं काम ? जानिये पढ़ाई के अलावा किए जाने वाले अन्य कार्य

लॉक डाउन में यूँ तो देश के सभी स्कूल बंद हैं,पर इस बंदी में भी सरकारी टीचरों को सुकून की साँस नही लेने दिया है। पढ़ाई के अतिरिक्त सरकारी टीचरों के काम साल,महीने और दिन के हिसाब से तय है, उस पर से लोकल एडमिनिस्ट्रेशन जो काम पकड़ा दे रही वो भी करने के लिए वे बाध्य हैं। सरकारी शिक्षक की स्पेशल ड्यूटी भी लगाई जा रही है जिसका पढ़ाई या शिक्षा से दूर दूर तक कोई लेना देना नही है।

पंजाब में शिक्षकों की ड्यूटी शराब फेक्ट्री में लगवाए जाने का आदेश दिया गया है,वही उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक राशन की दुकान में राशन बँटवा रहे है। कुछ राज्यों में शिक्षकों को क्वारंटाइन सेंटर की जिम्मेदारी भी सौपी गई है। हिमाचल प्रदेश में टीचरों को चेकिंग नाकों पर तैनात किया गया है,तो वहीं उत्तराखंड में सरकारी टीचरों की ड्यूटी डॉक्टर्स के साथ लगाई गई है।

पढ़ाने के आलावा भी कर रहे हैं काम

यूनाइटेड टीचर एसोसिएशन के पदाधिकारी राजीव वर्मा ने बताया की देश के प्राइमरी के शिक्षक पढ़ाने के अलावा 34 अन्य ऐसे काम करते हैं जो चुनाव आयोग उनके लिए तय करती है। इन शिक्षकों को साल में 17,महीने में 9 और हर रोज 2 ऐसे काम करने पड़ते हैं। इसमें आपदा के वक़्त जिलास्तर पर करवाये जाने वाले काम शमिल नही है,इतने सबके बाद भी,टीचरों को हमेशा करवाई का डर बना रहता है। राइट तो एजुकेशन नियम के अनुसार एक टीचर को 7 घंटे पढ़ाना होगा,इस एक्ट के मुताबिक साल में 220 दिन स्कूल में पढाना होगा,ऐसा न करने पर नियम का उलन्घन माना जायेगा।

एक सरकारी टीचर को हर महीने स्कूल मनेजमेंट की बैठक,पैरेंट्स टीचर एसोसिएशन की बैठक,मदर टीचर एसो शियेशन,बीआरसी के बैक खाते का प्रबंध,शिक्षा निधि के बैंक खाते का प्रबंध आदि की जिम्मेदारियों का निर्वाह भी भली प्रकार करना अनिवार्य होता है। इसके अलावा साल में एक बार बालगणना,स्कूल चलो अभियान,ड्रेस वितरण,पोलियों कार्यक्रम,चुनाव ड्यूटी,आर्थिक गणना आदि में भी सहभागिता करना अनिवार्य होता है।

शिक्षक नेता बृजेश का कहना है की,”भले ही टीचर को अन्य काम में न लगाने के आदेश हैं,फिर टीचर्स से पढ़ाने के अलावा सभी काम लिए जा रहे हैं,सुप्रीम कोर्ट का आदेश साफ़ है की शिक्षकों को जरूरत पड़ने पर केवल दैवीय आपदा,जनगणना और चुनाव ड्यूटी पर ही लगाया जाये,लेकिन इस सब में भी पहली वरीयता शिक्षक नही रखें जायेंगे।

 

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