नासा के अंतरिक्ष स्टेशन पर पहली बार हुई केवल महिलाओं की चहलकदमी
एक समय ऐसा था जब महिलाओं को अपने अधिकारों से वंचित रखा जाता था। धीरे-धीरे समय के साथ महिलाएं अपने हक के लिए लड़ी और उन्होंने अपना अधिकार प्राप्त किया। आज समय बदल गया है। आज महिलाओं का बोलबाला लगभग हर क्षेत्र में है। महिलाएं पुरुषों के साथ मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर हर काम में सहयोग कर रही हैं।
ऐसा ही कुछ मंजर अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा के अंतरिक्ष स्टेशन पर देखने को मिला। जब पहली बार केवल महिलाओं की चहलकदमी अंतरिक्ष में हुई। ऐसा पहली बार हुआ है जब बिना किसी पुरुष एस्ट्रोनॉट के महिलाएं अंतरिक्ष में चलती हुई नजर आईं। यह अपने आप में ही एक ऐतिहासिक लम्हा था। अमेरिका की क्रिस्टीना कोच और जेसिका मीर ने यह ऐतिहासिक लम्हा अपने नाम दर्ज किया।
अंतरिक्ष स्टेशन से बाहर स्पेस में हुई महिलाओं की चहलकदमी
दरअसल महिलाओं की चहल कदमी द्वारा बनाया गया यह रिकॉर्ड 421वें स्पेस वॉक में बनाया गया। इससे पहले अंतरिक्ष में 420 स्पेसवॉक हुए हैं। अब तक जितने भी स्पेस वॉक हुए हैं उन्हें पुरुष किसी न किसी रूप में शामिल थे। जिन दो महिलाओं ने स्पेसवॉक किया उनके पास मध्यम साइज के सूट थे। दरअसल नासा ने स्पेस वॉक करने वालों के लिए पुरुष महिला की जोड़ी में सूट डिजाइन किए थे। अंतरिक्ष स्टेशन में मौजूद चार पुरुष वैज्ञानिक अंदर ही रहे। जबकि जेसिका और क्रिस्टीना ने जाकर अंतरिक्ष स्टेशन के एक बैटरी का चार्जर बदला। यह बैटरी पिछले हफ्ते तक खराब हो गई थी जब एक पुरुष वैज्ञानिक बैटरी लगाई थी।
क्यों पड़ती है बैटरी की जरूरत?
दरअसल अंतरिक्ष स्टेशन में हमेशा सूर्य की रोशनी से ऊर्जा मिलती रहती है। मगर जब अंतरिक्ष स्टेशन को सीधे सूर्य की रोशनी नहीं मिल पाती है तब बैटरी की जरूरत पड़ती है। उसके बाद बैटरी ही अंतरिक्ष स्टेशन को नियंत्रित करती है। अब तक स्पेसवॉक में शामिल 15 महिलाओं के साथ किसी न किसी रूप से कोई पुरुष शामिल था।
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