पत्रकार ने इसरो वैज्ञानिक से की बदतमीजी, मांगनी पड़ी माफी
भारत द्वारा चंद्रमा के लिए 22 जुलाई को मिशन चंद्रयान 2 अपने आखिरी समय में अपने कुछ हिस्सों को पूरा नहीं कर पाया। chandrayaan-2 के तीन हिस्से थे। ऑर्बिटर, विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर। आर्बिटर चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगा रहा है। 7 सितंबर को रात जब विक्रम लैंडर चंद्रमा पर उतरना था। जब वह चंद्रमा से 2.1 किलोमीटर की दूरी था तब उससे धरती पर से संपर्क टूट गया और मिशन का कुछ भाग अधूरा रह गया।
इसकी जानकारी देने के लिए इसरो के मीडिया हॉल में कई पत्रकार इकट्ठा हुए थे। जहां पर एनडीटीवी के पत्रकार ने इसरो वैज्ञानिक के साथ बहुत ही अभद्रता पूर्वक बात की। जिसके बाद अब चारों तरफ उसकी आलोचना हो रही है। हालांकि पत्रकार ने माफी तो मांग ली है मगर अभी उसे बर्खास्त करने की मांग की जा रही है।
इसरो वैज्ञानिक ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
दरअसल मीडिया हॉल में एनडीटीवी के पत्रकार पल्लव बागला ने ऊंची आवाज में इसरो के साइंटिस्ट से बात करते हुए कहा कि आखिर मिशन असफल होने के बाद क्यों इसरो के चीफ के सिवान यहां पर मौजूद नहीं हैं। ऐसे में एक जूनियर साइंटिस्ट को मिशन के असफल होने की जानकारी देने के लिए क्यों भेजा गया है। पत्रकार ने यह बातें बहुत ही ऊंचे आवाज में कही थीं।
किस तरह के पीछे और अभद्र सवाल सुनने के बाद भी इसरो वैज्ञानिक चुपचाप शांति स्टेज पर खड़े रहे। उनके चेहरे पर दुख झलक रहा था जो कि मिशन के पूरी तरह से कामयाब ना हो पाने पर पूरे देश में था। उन्होंने पत्रकार के बाद की प्रतिक्रिया मुस्कुराते हुए दी।
पत्रकार ने मांगी माफी
एनडीटीवी के पत्रकार ने माफी मांगते हुए कहा कि मैं इसरो के साइंटिस्ट से ऊंची आवाज में बात करने के लिए माफी मांगता हूं। मैं इसके लिए निजी तौर पर माफी मांगता हूं। कल रात मैंने उनसे ऊंची आवाज में बात की थी। इसके लिए किसी भी तरह से मेरा संगठन जिम्मेदार नहीं है। कृपया मुझे माफ कर दीजिएगा।
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