भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने गूगल के एनरोइड अनैतिक वर्चस्व पर लिया संज्ञान
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने शुक्रवार, 10 मई को सर्च इंजन जायंट गूगल के खिलाफ भारत में एंड्रॉइड के साथ अपनी प्रभावी स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए एक जांच का आदेश दिया, समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में उद्धृत सूत्रों के अनुसार, आयोग प्रथम दृस्ता पाया है कि यह नया मामला है।
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि जांच लगभग एक वर्ष में पूरी हो जाएगी और आने वाले महीनों में गूगल अधिकारियों को CCI के सामने आने के लिए बुलाया जाएगा।
गूगल भारत के प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच के दायरे में आ गया है, और सूत्रों ने कहा है कि गूगल खोज और क्रोम ब्राउज़र को प्री-इंस्टॉल करने पर इसका नियंत्रण भी आरोपों का हिस्सा है।
एंड्रॉइड अनैतिक वर्चस्व के बारे में मामला, जो भारत के 90 प्रतिशत से अधिक स्मार्टफोन पर चलता है उसमें एक नवीनतम शोध रिपोर्ट के अनुसार, गूगल के खिलाफ एंटीट्रस्ट मामलों के तीनों में से सबसे महत्वपूर्ण मामला है। यदि समिति कंपनी को दोषी मानती है, तो भारत में इसकी स्थिति भारी परिणाम का सामना कर सकती है।
रॉयटर्स द्वारा उद्धृत एक गूगल प्रवक्ता ने आश्वासन दिया है कि वह सीसीआई के साथ मिलकर यह दिखाने के लिए काम कर रहा है कि कैसे देश में एंड्रॉइड ने अधिक प्रतिस्पर्धा और नवीनता पैदा की है, कंस्यूमर को बेचे जाने वाले किफायती उपकरणों की मदद से।
यदि कोई जुर्माना है, तो यह संभव है कि गूगल, जैसे कि यह यूरोपीय बाजारों के लिए कैसे किया गया है, गूगल क्रोम, प्ले स्टोर और यहां तक कि गूगल सर्च जैसे अपने विशिष्ट एप्लिकेशन को स्थापित करने के लिए फ़ोन निर्माताओं को चार्ज करना शुरू कर देगा। यह बात तय बताई गई कि आने वाले दिनों में अंतिम उपभोक्ता के लिए उपकरणों की कीमत में वृद्धि हो सकती है।
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Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy

