वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2018 : दुनियाँ के सबसे खुश देशों में भारत, पाकिस्तान और चीन से भी पीछे
जी, हाँ, अभी हाल ही में यूनाइटेड नेशंस द्वारा जारी वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2018 की 156 देशों की सूंची में भारत 133वें नम्बर पर है।इसमें पिछले साल की तुलना में 11 पायदान की गिरावट रही है। चौंकाने वाली बात तो ये है की हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान और चीन हमसे ज्यादा खुश है। जहाँ पाकिस्तान 75वें पायदान पे है, तो वहीं चीन 86वें। पीछे साल भारत इस रिपोर्ट में 122वें पायदान पे था और 2016 के रिपोर्ट के अनुसार 118वें स्थान पर।
यूएन सस्टेबल डेवलपमेंट सोल्यूशन नेटवर्क द्वारा जारी इस रिपोर्ट में 156 देशों में फिनलैंड नार्वे को पछाड़कर दुनियाँ का सबसे खुश देश बन गया है।सबसे कम खुशहाल देशों की सूंची में सीरिया, तंजानिया, यमन और रवांडा है।
भारत की स्थिति में लगातार गिरावट, पाकिस्तान 80 से 75वें पायदान पे:-
एक तरफ जहाँ भारत की स्थिति पिछले तीन साल से लगातार लुढ़क रही है वही पाकिस्तान की स्थिति सुधरती नजर आ रही है।
वो पिछले साल के मुकाबले इस साल ज्यादा खुश रहने वाला देश बन गया है।
फिनलैंड सबसे खुश क्यों?
सबसे खुश देशों की सूंची में फिनलैंड पिछले साल 5वें स्थान पर था। एक साल के अंदर वो पांचवें से पहले स्थान पे आ गया क्योंकि फिनलैंड को दुनियां का सबसे स्थिर और सुरक्षित देश मन जाता है। इसे सबसे अच्छा शासित देश का भी दर्जा दिया गया है। यहां भ्रष्टाचार काफी कम है। यह सामाजिक रूप से प्रगतिशील देश है। यहाँ की पुलिस दुनियां की सबसे भरोसेमंद पुलिस है। यहां मुफ्त इलाज व्यवस्था है। जो वहां के लोगों की खुशहाली की वजह है। इस सूंची में दूसरे नम्बर पर नार्वे और तीसरे नंबर पर डेनमार्क को रखा गया है।
रैंकिंग का आधार
प्रति व्यक्ति आय, सोशल फ्रीडम, भ्रष्टाचार, ट्रस्ट और उदारता के आंकड़ों को आधार बनाकर यह सूंची तैयार की गई है। इस बार इस रिपोर्ट में शरणार्थी और आप्रवासियों की खुशहाली को भी शामिल किया गया है।
वहीं एक तरफ अमेरिका की भी खुशी कम होती जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल अमेरिका इस सूंची में 14वें नंबर पर था जो अब लुढ़क कर 18वें नंबर पर आ गया है।
Writer at India Alive

