उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू बोले, भारतीयों के DNA में है धर्मनिरपेक्षता
अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर उठ रहे सवालों पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सख्त टिप्पणी की है. वेंकैया नायडू ने कहा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस्तेमाल सीमाओं में रहकर किया जाए तो ही बेहतर है. उन्होंने ये भी कहा कि भारतीयों के डीएनए में धर्मनिरपेक्षता है, यह किसी संविधान या कानून की वजह से नहीं है. उन्होंने कहा, ‘देश निर्माताओं ने लोकतांत्रिक भारत का सपना देखा था, जहां सभी को अपने विचार रखने की आजादी हो, अभिव्यक्ति की आजादी हो और पूजा पद्धति की आजादी हो. हालांकि ये भी कहा गया था कि ये आजादी सीमाओं में रहकर प्रयोग की जाए तो अच्छा होगा.’ अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी को चोट पहुंचाना कहीं से जायज नहीं है. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने ये बातें चंडीगढ़ के इंडियन स्कूल ऑफ बिजनस की लीडरशिप समिट में कहीं.
वेंकैया नायडू ने कहा कि भारत के DNA में धर्मनिरपेक्षता है, इसलिए यहां सभी धर्म, समाज और संप्रदाय के लोग एक दूसरे का सम्मान करते हैं. मेरी अपील है कि लोग इसे खराब न करें. संविधान में केवल धर्मनिरपेक्षता शामिल करने से समाज एकजुट नहीं होता है, ये हमें विरासत में मिली है.

