उत्तर प्रदेश को दिसबंर माह तक मिल जाएगा एक और बेहतरीन चिड़ियाघर, पढ़िये पूरी खबर
उत्तर प्रदेश की जनता को अगले दिसबंर तक एक और बेहतरीन चिड़ियाघर की सौगात मिल जाएगी। वहीं, यह प्रदेश का तीसरा चिड़ियाघर कहलाएगा और बाकि दोनों से काफी ज्यादा बड़ा होगा। अगर देखा जाए तो इस समय प्रदेश में दो चिड़ियाघर मौजूद हैं। जिसमें से पहला चिड़ियघर लखनऊ में एवं दूसरा कानपुर में है। तीसरा गोरखपुर में बनकर तैयार होगा और तमाम औपचारिकताओं के बाद आने वाले दिसम्बर माह तक आम लोगों के लिए इसे खोल दिया जाएगा।
चिड़ियाघर में लाए जाएंगे देशी-विदेशी वन्यजीव
इस बीच सेन्ट्रल जू अथॉरिटी की टीम ने दो दिन पहले उत्तर प्रदेश में गोरखपुर चिड़ियाघर का निरीक्षण कर इस चिड़ियाघर को नियमानुसार पूरी तरह से ठीक-ठाक पाया है और मामूली फेरबदल करने के बाद इसे आम जनता के लिए खोलने के लिए अपनी सहमति दे दी है। अब इस चिड़ियाघर में देशी-विदेशी वन्यजीवों को लाए जाने के भी काम बहुत जल्द शुरू किए जाएंगे।

वन्यजीव आने पर किये जाएंगे कोरेन्टाइन
गोरखपुर चिड़ियाघर के निदेशक राजा मोहन के अनुसार लखनऊ व कानपुर चिड़ियाघर के अलावा इटावा लायन सफारी में गोरखपुर चिड़ियाघर में लाए जाने वाले वन्यजीवों को रखा गया है। इन्हें बारी-बारी से गोरखपुर लाया जाएगा और चिड़ियाघर में उनकी प्रकृति के अनुसार करीब दो से तीन सप्ताह के लिए कोरेन्टाइन किया जाएगा। इसके बाद उन्हें उनके लिए बनाए गए बाड़े में उन्हें रखा जाएगा।
खास बात
जानकारों के अनुसार आपको बता दे कि योगी आदित्यनाथ सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं वाले इस प्रोजेक्ट (गोरखपुर चिड़ियाघर) को 291 एकड़ में मूर्त रूप दिया गया है। जिसमें 31 बाड़ों में 30 नस्लों के करीब 200 वन्यजीवों व विभिन्न प्रजाति की पक्षियों को रखा जाएगा।

इन्हें शामिल किया जाएगा नए चिड़ियाघर में
नए चिड़ियाघर में बने 31 बाड़ों में बाघ, तेन्दुआ, शेर, गेंडा, जेब्रा, डिप्पोपोटेमस (दड़याई घोड़ा), मगरमच्छ, घड़ियाल, उदबिलाव, सियार, लोमड़ी, स्मॉलकैट, देसी भालू, हिमालयन भालू, बोमेट बंदर, लंगूर, कैपुचियन बंदर, चीतल, सांभर, हॉंग डियर, काला हिरण, बारहसिंघा के अलावा दर्जनों प्रकार के पक्षी जिनमें मोर, सारस, काला तीतर, मकाऊ, रंगबिरंगे फीजेन्ट आदि शामिल होने के साथ-साथ रंग-बिरंगी मछलियां भी देखने को मिलेंगी।

