CAA पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार को नोटिस
CAA पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत देते हुए उस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि कोर्ट कानून की वैधानिकता पर विचार जरूर करेगा।नागरिकता संशोधन कानून के पिछले सप्ताह पास होने के बाद से बवाल मचा हुआ है। कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 22 जनवरी को इसपर अगली सुनवाई होगी।
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सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता अश्वनी उपाध्याय ने कहा कि कानून पर लोगों में भ्रम है लोगों को जानकारी नहीं है इसलिए प्रदर्शन हो रहे हैं। इसपर कोर्ट ने अटार्नी जनरल से कहा कि कानून का प्रचार होना चाहिए। अटार्नी जनरल ने कहा है सरकार इसका प्रचार करेगी। इसके साथ ही CAA पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनौती देने वाली 59 याचिकाओं पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। समाचार एजेंसी एएनआइ ने इसकी जानकारी दी है। नागरिकता संशोधन कानून को चुनौती देने वाली 59 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई के लिए लगी थी। याचिका दाखिल करने वालों में सांसद जयराम रमेश, महुआ मोइत्रा और असदुद्दीन ओवैसी शामिल हैं। आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के पिछले सप्ताह पास होने के बाद से बवाल मचा हुआ है। सीजेआई जस्टिस बोबडे के नेतृत्व वाली तीन जजों की बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई की। इस बेंच में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत शामिल हैं।
वहीं दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा कि कुछ भी हो इस कानून को देश भर में लागू किया जाएगा और मोदी सरकार सुनिश्चित करेगी कि इन शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता हासिल हो और वे सम्मान के साथ भारतीय नागरिक बनकर जिएं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सुनिश्चित करेगी कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता हासिल हो और वे देश में सम्मान के साथ जी सकें। साथ ही नए कानून का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों को शाह ने कहा कि वे जितना चाहें कानून का विरोध कर सकते हैं।

