चक्रवाती तूफ़ान तितली मचा रही है भारी तबाही
भारत के दो राज्य इस समय चक्रवाती तूफ़ान तितली से बुरी तरह से प्रभावित है । चक्रवाती तूफान ने दो लोगों की जिंदगी भी निगल गई है । मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि चक्रवाती तूफ़ान तितली का असर अभी कुछ दिनों तक रहेगा ।
चक्रवाती तूफ़ान तितली के कारण ओड़िशा और आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका है । भारत के केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस बारे में कहा है कि सरकार और शासन चक्रवाती तूफ़ान तितली को लेकर के काफी चिंतित हैं । मौजूदा सरकार हर संभव कोशिश मे है कि चक्रवाती तूफान तितली से देश को कम से कम जन औऱ धन की हानि हो ।
उन्होंने कहा कि इस समय वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है कि सारे देश के लोग एक साथ आये ताकि इस चक्रवाती तूफान से निपटा जा सके । उन्होंने कहा है कि मुझे ऐसा विश्वास है कि सभी के मदद से इस आपदा से बेहतर तरीके से निपटा जा सकेगा ।
इससे पहले ओडिशा और आंध्र प्रदेश के जितने भी इलाके प्रभावित हैं । उन इलाकों में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की टीम अपने कार्य में जुट गई है । चक्रवर्ती तूफान में तेज हवाओं के कारण जगह-जगह पेड़ गिर गए हैं । जिसके वजह से किसी बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं । जिसके वजह से सड़क और संचार मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है । मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी स्पेशल रिलीफ कमिश्नर के दफ्तर में जाकर चक्रवाती तूफान तितली से निपटने के लिए हो रही तैयारी का जायज़ा लिया ।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले 18 घंटों में तूफान और तेज हो सकता है । चक्रवाती तूफान उड़ीसा और उत्तर आंध्र प्रदेश को पार कर के उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ सकता है । चक्रवाती तूफान के कारण समुद्री लहरें भी एक मीटर तक बढ़ गई है । जिसके वजह से खुर्दा , पूरी , गंजम जैसे इलाकों में पानी भरने की आशंका है ।
गौरतलब है कि पुरी , गाजापति , गंजम , केंद्रपाड़ा , खुर्जा जगतसिंहपुर , कटक , नयागढ़ , जयपुर भद्रक और बालासोर में भारी बारिश होने की भी आशंका है । मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि चक्रवाती तूफान अगर पश्चिम बंगाल की तरफ मुड़े तो इसका प्रभाव थोड़ा कम हो सकता है ।

