Lockdown 2.0 : जानिये जब 30 अप्रैल तक बढ़ना था लॉकडाउन तो 3 मई क्यों रखी मोदी सरकार ने तारीख
24 मार्च को दिन था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए 21 दिन का लॉक डाउनलोड किया था यह लॉकडाउन देश और देशवासियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए था। फिलहाल 21 दिन का यह लोग 14 अप्रैल को खत्म होने वाला था मगर इसी बीच एक बार फिर से पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए लॉकडाउन की अवधि को आगे बढ़ाते हुए 3 मई की नई तारीख की घोषणा कर दी। हालांकि लोगों ने अनुमान लगाया था कि लॉकडाउन तो बढना था ही मगर 30 अप्रैल तक लेकिन किस वजह से यह तारीख 3 मई तक आगे बढ़ गई यह लोगों को नहीं समझ में आया।

3 मई तक लॉकडाउन बढ़ने की ये थी वजह
बाद में जब थोड़ा इस विषय में बात किया गया तो पता चला कि प्रधानमंत्री के इस संबोधन से पहले ही कुछ राज्यों ने लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ा दिया था मगर सभी राज्यों कि सरकार से परामर्श के बाद ही 30 तारीख को 3 मई तक बढ़ाने का फैसला किया गया। बताया जा रहा है कि 1 मई को विश्व मजदूर दिवस का अवकाश रहेगा और उसके बाद 2 मई को शनिवार तथा 3 मई को रविवार पड़ेगा जिस वजह से लॉकडाउन को अगले 3 दिन तक और बढ़ा दिया गया।
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इसमें कोई दो राय नहीं है कि यह फैसला कोरोना जैसी घातक महामारी को परास्त करने के लिए बेहद जरूरी था, प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि अगले 1 सप्ताह में कोरोना वायरस से लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढाई जाएगी। 20 अप्रैल तक देश के हर कस्बे, हर थाने, हर जिले, हर राज्य को बहुत ही सख्ती से परखा जाएगा कि वहां पर लॉकडाउन का कितना पालन किया जा रहा है और उस क्षेत्र से कोरोना को किस हद तक बचाया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो क्षेत्र किस अग्नि परीक्षा में सफल हो जाएंगे उन क्षेत्रों को हॉटस्पॉट से बाहर कर दिया जाएगा और वहां पर कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति भी प्रदान की जा सकती है।

