यश ! .....लव यू !Trending कविता हिन्दी लेख 

यश आई लव यू ! गुज़र चुके है दोस्त के लिए स्वतन

यश आई लव यू  !  दोस्त कह लो या भाई था तो अपना ही यश ! उसकी यादें और मेरी बातें, वो कहता था मुझसे अक्सर

 

यश आई लव यू  :  मुझसे अक्सर………..

 

भाई तू मुझे भूल गया न “

 

आज जब वह छोड़के चला गया

 

तो मैं यही कहता हूँ कि – ” हाँ भाई मैं भूल गया तुझको , तो क्या छोड़के चला जायेगा मुझे ? “

 

और चला गया वो यारों का यार ……छोड़ पीछे अपनी यादें चार !

 

वो स्कूल की सीढ़ियों पर तेरा पुकारना और मेरा अनसुना कर दूर जाना

 

अब खलता है यश ! 

 

तू मुझे बुला रहा था ….काश एक बार पास जाकर देखा तो होता क्या बात कहनी थी तुझे ?

 

तू तो हमेशा ही अपना मानता था पर हमने ही तुझे गैर कर दिया था

 

जिसकी सजा है इस गिल्ट के साथ जीना

 

सॉरी यश !

 

वो नैनी पुल पे मोबाइल फोटोग्राफी करना जो तूने सिखाया वो आज भी मेरे काम है आया

 

तेरी वजह से ही मैंने पत्रकारिता में आना किया पसंद …तुझसे जलन न हो इसलिए तूने अपना जूनून तक चूढ़ दिए …..वाह ! क्या दात दूँ तेरी मेरे यार !

 

फेविकोल की तरह तू हमेशा चिपकता था , हर पल खबर रखता था , इतना पसंद करता था ,

 

इतनी केयर करता  था ….पर क्यों  यश ?

 

तू इतना अच्छा क्यों था  ?

 

बता न ? अरे बोल न भाई ?

 

मैं तुझे समझ नहीं पाया , कदर तेरी कर न सका , जब तुझे मेरी ज़रुरत थी दूर रहता था तुझसे

 

वजह थी शायद जलन या अंधापन

 

रहता था मैं अपनी दुनिया  में जबकि तेरी दुनिया तो थी मुझसे ही …….

 

जाते -जाते भी तू ख़ुशी दे गया

 

अपनी लम्बी बीमारी की खबर न देकर …..

 

जब घर छोड़ा तो भी तो तू आखरी बार मिलने आया था …जबरन मुझे गले लगाया था

 

आज जब जी करता है तुझे गले लगाने को तो है ही नहीं  !

 

 

तेरी जितनी अच्छाइयां गींउ और बताऊँ अब कम है

 

तू मुझे छोड़ के नहीं गया

 

और मैं तुझे कभी नहीं भूला !

 

बस ऊपर जाकर मेरे बेटे क्या ख्याल रखना

 

यश ! …..लव यू ! तुझसे वादा आऊंगा जल्दी ही मेरे दोस्त मेरा इंतज़ार करना

 

 

सॉरी यश ! लव यू !

 

इस तरह हुई अबू बक्र अल-बगदादी की मौत अमेरिका द्वारा

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