Tag: poems

दोस्ती

| July 30, 2018 | Sonam Kharwar | 1

बीत गये वो दिन, गुज़र गये कुछ साल। खोज ख़बर नही उसकी, जाने कैसा होगा मेरा यार।। भूला नहीं हूँ तुझको, बस उलझ गया हूँ…Read More

खुद को तू पहचान ले मानव

| January 20, 2018 | Sonam Kharwar | 0

जा रहा है तू किस दिशा में मानव, उस पथ की तू जाँच तो करले। आगे बढ़ने से पहले मानव, खुद की तू पहचान तो…Read More

बनना है तो हवा बनो

| January 15, 2018 | Sonam Kharwar | 2

बनना है तो हवा बनो, बस यहाँ-वहाँ तुम मस्त बहो। इस रंग बदलती दुनिया में, तुम रंगहीन मानव बनो। थाम सके ना कोई तुमको, ऐसी…Read More

अत्याचारी मानव

| December 25, 2017 | Sonam Kharwar | 1

धरती भी एक दिन बोल पड़ेगी, अत्याचारी मानव की पोल खुलेगी। अनन्त काल की गाथा है ये, कब तक सारे दर्द सहेगी।   काँप उठेगा…Read More

तेरी-मेरी दोस्ती

| December 24, 2017 | Sonam Kharwar | 0

छोटा सा एक बच्चा था, मासूम बहुत ही लगता था। माँ का था वो राज-दुलारा, शर्मिला सा बहुत ही प्यारा। एक खेल खुदा ने ऐसा…Read More

समय

| November 17, 2017 | Sonam Kharwar | 0

ऐ समय! तू ही बता, तुझे दोस्त मानूँ या बला। तेरे संग में चलना ही भला, तेरे रंग में रंगना है कला। गुरु मान तुझको…Read More

माँ

| October 25, 2017 | Sonam Kharwar | 0

काश तुझे ही जीता होता, छोड़ के सारी दुनिया दारी। अफसोस मुझे न इतना होता, माँ तू तो थी सबसे प्यारी।   देखा होता काश…Read More

Peace.

| October 16, 2017 | Nikita Malik | 0

I don’t want to wake up. Those dark places feels like home, I can fly and put a grip over the exemptions written on my…Read More

To Top