Tag: Hindipoetry

मैं, मेरी हिम्मत !

| July 21, 2018 | Sonam Kharwar | 0

अपनो से दूर, अजनबी शहर में। कुछ है ज़रूर, इस नए सफर में।। सीखा है मैंने, खुद को ही जीना। रुकना नही, चलते है रहना।।…Read More

तुम ना होते

| July 12, 2018 | Sonam Kharwar | 1

तुम ना होते, तो क्या होता। ज़िन्दगी का तज़ुर्बा, कुछ नया होता। मिलने को तुझसे, मन परेशान ना होता। हर वक्त लबों पे, तेरा नाम…Read More

घुमक्कड़ी

| July 11, 2018 | Sonam Kharwar | 0

घुमक्कड़ी भी कला है, घुमक्कडों से पूछो। सफर ये बड़ा है, थोड़ा तो सोचो।। मंज़िल नही है कोई, जिज्ञासा अथाह है। दिल भी ना जाने,…Read More

आहत तो होते हैं हम!

| April 25, 2018 | Usha Kedia | 0

बेशक तुम्हें दिखाते नही हैं पर आहत तो होते हैं हम, जब भी कभी तुम दिखाते हो आँखे, सहम जाते हैं हम, ना जाने कितनी…Read More

किसान

| March 30, 2018 | Sonam Kharwar | 1

सूखा पड़ा, बंज़र ज़मीन, उसमें है बैठा एक गरीब। है आस आंखों में भरी, जननी है जिसकी बस कृषि। चेहरे की जिसकी वो हंसी, बारिश…Read More

बनना है तो हवा बनो

| January 15, 2018 | Sonam Kharwar | 2

बनना है तो हवा बनो, बस यहाँ-वहाँ तुम मस्त बहो। इस रंग बदलती दुनिया में, तुम रंगहीन मानव बनो। थाम सके ना कोई तुमको, ऐसी…Read More

अत्याचारी मानव

| December 25, 2017 | Sonam Kharwar | 1

धरती भी एक दिन बोल पड़ेगी, अत्याचारी मानव की पोल खुलेगी। अनन्त काल की गाथा है ये, कब तक सारे दर्द सहेगी।   काँप उठेगा…Read More

तेरी-मेरी दोस्ती

| December 24, 2017 | Sonam Kharwar | 0

छोटा सा एक बच्चा था, मासूम बहुत ही लगता था। माँ का था वो राज-दुलारा, शर्मिला सा बहुत ही प्यारा। एक खेल खुदा ने ऐसा…Read More

समय

| November 17, 2017 | Sonam Kharwar | 0

ऐ समय! तू ही बता, तुझे दोस्त मानूँ या बला। तेरे संग में चलना ही भला, तेरे रंग में रंगना है कला। गुरु मान तुझको…Read More

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