Category Archives: Opinion

दल -दल यानी सभी दलो का गठ बन्धन ।

| August 4, 2018 | Usha Kedia | 0

देश २०१९ के चुनाव की तैयारी में लगा है। सभी दल अपने अपने जुगाड़ में लग गये है। जी जान से कोशिश की जा रही है सत्ता मिल जाए। अर्जुन जैसे सबकी आँख प्रधान मंत्री कि कुर्सी पर है। जैसे  बारिश का आभास होते ही मेंढक फुदकने लगते है । कुछ वैसा ही भारतीय राजनीति का हाल है। दल-दल नही ,सभी दल मिलकर एक महगठबंधन की योजना बना रहें है। सभी दलों का बस एक ही नारा है कि वर्तमान सरकार जो पूर्ण बहुमत वाली सरकार है उसे हटाया जाए। सभी दल और उनके नेता अपने अपने बयान जारी कर रहें है। मज़े की बात तो यह है की सभी दलों के प्रमुख ह्रदय से प्रधान मंत्री बनना चाहतें है अब वो चाहे दीदी हो या बहनजी .बबुआहो या युवराज। प्रधानमंत्री बनने का सपना सभी देख रहें है और ना नुकूर भी कर रहें है.एक हिम्मती नौजवान जिन्हें गद्दी विरासत मेंमिलनी चाहिए थी पर अब वो इसके लिए जी तोड़ मेहनत कर रहें है उन्होंने तो मंच से घोषणा भी कर दी है। पार्टी अथवा अपने सहयोगियों से सलाह मशवरा किए बिना ही ख़ुद को प्रधान मंत्री घोषित कर दिया है। आज ही दीदी का सुझाव भी आया है कि बिना किसी नाम या चेहरे के सारे दल मिलकर चुनाव लड़ें। मोदी को किसी भी तरह हटायें बाक़ी बाद में देखा जाएगा। कर्नाटक में देखा नही क्या। वहाँ के मुख्यमंत्री भरी सभा में रोते है पर कुर्सी तो प्यारी है सो गठबंधन की सरकार चला रहें है। अब सोचने वाली बात ये है की भिन्न भिन्न विचारधारा वाले लोग शायद एक मंच पर आ भी जाएँ। किसी तरह सरकार भी बना लें पर देश के भविष्य का क्या? क्या कोई ठोस नीति बन पाएगी? वो प्रधान मंत्री जो सहयोगी दलों की दया पर टिका होगा कभी कोई ठोस क़दम देश हित में ले पाएगा। प्रधान मंत्री, उप प्रधान मंत्री, नेता, उपनेता बस इसी में उलझे रहेंगे। रूठना मनाना चलता रहेगा।…Read More

Highlights of 10th BRICS Summit 2018

| August 2, 2018 | anu8511daily | 0

India participated in 10th BRICS Summit. BRICS nation represents 40% of the world’s population and accounts for 22% global economic GDP. It stands for Brazil,…Read More

Is Gender Inequality in India a myth?

| July 31, 2018 | Arjun Singh Dyarakoti | 0

We often hear about various laws, provisions, movements, and campaigns being brought about for establishing gender equality in India and an egalitarian order in the…Read More

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